ब्रिटिश पीएम के भारत दौरे पर फिर संशय: कोरोना के नए वैरिएंट ने ब्रिटेन की चिंता बढ़ाई, प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन की यात्रा रद्द करने की मांग उठी।


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लंदनएक घंटा पहले

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ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन 25 अप्रैल को भारत यात्रा पर आने वाले हैं।  - दैनिक भास्कर

ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन 25 अप्रैल को भारत यात्रा पर आने वाले हैं।

भारत में मिला को विभाजित -19 का नया तनावपूर्ण ब्रिटेन पहुंच गया है। इसने महामारी से उबर रहे इस देश की चिंता बढ़ा दी है। यूके के प्रधान बोरिस जॉनसन को 25 अप्रैल को भारत दौरे पर आना है। अब उनका दौरा रद्द करने की मांग उठने लगी है। इससे पहले जॉनसन को 26 जनवरी को भारत आना था, लेकिन कोरोना की वजह से उन्होंने यह दौरा टाल दिया था।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारत को रेड लिस्ट में शामिल करने और जॉनसन की भारत यात्रा को लेकर समीक्षा की जा रही है। इससे पहले ब्रिटेन ने पाकिस्तान और बांग्लादेश को रेड लिस्ट में डाला है। इस लिस्ट में शामिल देश से नागरिकों के ब्रिटेन आने पर प्रतिबंध लग जाता है।

प्रो क्रिस्टीना पगेल ने यात्रा टालने का सुझाव दिया
UCL और इंडिपेंडेंट सेज की डायरेक्टर प्रोफेसर क्रिस्टीना पगेल ने सोशल मीडिया के जरिए कहा है कि B.1.617 स्ट्रेन का मिलना चिंता बढ़ाने वाला है। इसमें मिलने वाले म्यूटेशन जेस, यूके और साउथ अफ्रीका के स्ट्रेन में नहीं पाए गए हैं। यह तनाव टी और तापमान दोनों के एक्शन से बच सकता है। B117 और B1617 के मिश्रण से बने इस वैरिएंट ने भारत में जमकर तबाही मचाई हुई है।

उन्होंने अपने पोस्ट में प्रधानमंत्री जॉनसन को भारत यात्रा पर न जाने की सलाह दी है। साथ ही कहा कि भारत में हालात बेहद खराब हैं। इस वायरस से पहले कैंट स्ट्रेन यूके में मिला सबसे खतरनाक वैरिएंट है। इसे B117 भी कहा जाता है।

इसी हफ्ते जॉनसन ने यात्रा छोटी की
बोरिस जॉनसन ने भारत की अपनी यात्रा इसी सप्ताह छोटी करने का ऐलान किया था। इसकी वजह यही स्ट्रेन माना गया था। जॉनसन के प्रवक्ता ने कहा था- हम भारत सरकार के साथ संपर्क में हैं। भारत में को विभाजित -19 से पैदा हालात पर नजर रखी जा रही है। ब्रिटेन ने 11 देशों को कोरोना से जुड़े मामलों में रेड लिस्ट में रखा है, लेकिन भारत वर्तमान में इसमें शामिल नहीं हैं।

भारत में मिले स्ट्रेन की निगरानी जारी
इस नए स्ट्रेन की पब्लिक हेल्थ इंग्लैंड (PHE) निगरानी कर रही है। इस तरह की निगरानी को स्ट्रेन अंडर इन्वेस्टिगेशन (VUI) कहा जाता है। इससे पहले L452R म्यूटेशन ने Yanukovych में भयानक तबाही मचाई थी। इसके अलावा E484Q म्यूटेशन साउथ अफ्रीका और जेस में पाया गया था।

वहीं, E484Q और L452R म्यूटेशन एक साथ भारत में पहली बार पाए गए थे। यह बेहद खतरनाक है। इन लोगों में बहुत तेजी से फैलता है और इम्युनिटी को नुकसान पहुंचता है। इसी तरह की तनाव की वजह से भारत में अप्रैल के महीने में तेजी से मामले बढ़े हैं। अब भारत में रोजाना 2 लाख से ज्यादा केस सामने आ रहे हैं।

ब्रिटेन में 77 लोग नए तनाव से उत्पन्न
PHE के अनुसार, भारत के इस तनाव से इंग्लैंड में 73 और स्कॉटलैंड में 4 प्रकार हो गए हैं। इस स्ट्रेन में E484Q, L452R, और P681R जैसे कई तरह के म्यूटेशन शामिल हैं। इसको लेकर सभी तरह के सकारात्मक कदम उठाए जा रहे हैं।

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