October 18, 2021

सच साबित हुआ भास्कर की ग्राउंड रिपोर्ट: बंगाल में ध्रुवीकरण हुआ, लेकिन सिर्फ मुस्लिम एकजुट हुए; भाजपा जंगलमहल की तरह अपने गढ़ में भी पिछड़े बैठी है

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  • दैनिक भास्कर ग्राउंड रिपोर्ट पश्चिम बंगाल चुनाव 2021 टीएमसी ने पश्चिम बंगाल विधानसभा में जीत दर्ज की

पश्चिम बंगाल के चुनावी नतीजे आ चुके हैं और TMC सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। चुनाव के दौरान की दैनिक भास्कर की ग्राउंड रिपोर्ट्स सही साबित हुई हैं। तमाम लोग कह रहे थे कि भाजपा दो सौ से ज्यादा सीटें जीत रही है, तो हमने क्षेत्रवार विश्लेषकोंिस करते हुए जमीनी हकीकत सामने रखी थी। नतीजों ने उन पर मुहर लगा दी। भाजपा अपने दावे के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सकी। हमने पहले केवल सिलसिलेवार इसकी वजहों को सामने ला दिया था।

रविन्द्र भारतीयों विश्वविद्यालय के प्रोफेसर और चुनाव विश्लेषक डॉ। विश्वनाथ चक्रवर्ती कहते हैं कि पश्चिम बंगाल में ध्रुवीकरण तो हुआ, लेकिन इससे सिर्फ मुस्लिम एकजुट हुए। उन्होंने एकतरफा टीएमसी को वोट दिया। हिंदू यूस में बंट गए या कहें कि हिंदुओं में ध्रुवीकरण हुआ ही नहीं। इसी का नतीजा रहा कि ममता बनर्जी ने इतनी बड़ी जीत हासिल की। भाजपा की हार की दूसरी बड़ी वजह पेट्रोल-डीजल और रसोई गैस की कीमतों का चुनाव है। तीसरी वजह बाहरी + आंतरिक का मुद्दा बना। ममता ने बार-बार कहा कि बाहरी लोग कभी बंगाल की संस्कृति को नहीं समझ सकते। इसका लोगों पर असर हुआ।

वरिष्ठ पत्रकार प्रभाकर मणि तिवारी कहते हैं कि मुस्लिमों ने किस तरह ममता को वोट दिया, इसका अंजाजा इसी से लगा सकते हैं कि मालदा-मुर्शिदाबाद तक वे एकतरफा जीतीं। ये मुस्लिम बहुल इलाके हैं और कांग्रेस के गढ़ रहे हैं, लेकिन इस बार मुस्लिम दीदी को ही जिताना चाहते थे।

रिपोर्ट्स जाे सही साबित हुईं …
भास्कर की लगभग सभी ग्राउंड रिपोर्ट्स सच साबित हुईं। पूरा मीडिया जब कह रहा था कि मतुआ समुदाय भाजपा को एकतरफा वोट करेगा, तब हमने लिखा कि मतुआ टीएमसी और भाजपा में बंटा हुआ है। जंगलमहल को भाजपा का गढ़ बताया जा रहा था।

हमने लिखा था कि वहाँ बीजेपी को लोकसभा जैसी जीत मिलने की संभावना नहीं है। हमने लिखा था ममता पर जब-जब हमला हुआ, वे तब-तब मजबूत हुईं और इस बार के हमले ने भी दीदी को मजबूत ही किया है। देखिए हमारी रिपोर्ट …

झाविड़ग्राम
हमने लिखा था कि ऐन मौके पर टीएमसी ने डैमेज कंट्रोल कर लिया है और चार में से तीन सीटें जीत सकती है। यहां पार्टी चारों सीटों पर ही आगे है।

बग्कुड़ा-पुरुलिया
हमने लिखा था कि यहां बीजेपी लोकसभा जैसी जीत दर्ज नहीं कर पाएगी। मध्य में TMC की जीत हो सकती है हुआ भी वही। TMC ने यहां ‘ज्यादातर सीटों पर जीत दर्ज की।’

हुगली-हवड़ा
हुगली-हावड़ा दोनों की रिपोर्ट्स में हमने बताया था कि टीएमसी मजबूत है और ज्यादातर दौड़ जीतती दिख रही है। यही नतीजा यहां सामने आया। हमने लिखा था कि टीएमसी से भाजपा में आए राजीव बनर्जी एपिसोड टक्कर दे रहे हैं, वे कई राउंड तक आगे रहे, लेकिन आखिरकार वह हार गए।

उत्तर 24 परगना
हमने लिखा था कि यहां मुस्लिम आबादी के आगे हर मुद्दा फीका है और टीएमसी आगे दिख रही है। यह रिपोर्ट भी सही साबित हुई।

पश्चिम और पूर्व मेदिनीपुर
हमने लिखा था कि यहां मोदी-शाह ने पूरी ताकत झोंकी, लेकिन दीदी एपिसोड टक्कर दे रहे हैं। यहां भी टीएमसी ने बेहतरीन प्रदर्शन किया है। हमने ये बताया था कि यह इलाका शुभेंदु अधिकारी का गढ़ है, लेकिन वे टीएमसी को नुकसान पहुंचाते नहीं दिख रहे हैं।

माहौल बदलो
हमने लिखा था कि टिकट बंटवारे के बाद माहौल बदला है और TMC ग्राउंड पर मजबूत दिख रहा है।

उत्तर बंगाल
हमने लिखा था कि उत्तर बंगाल में भाजपा मजबूत दिख रही है और अच्छा परफॉर्म कर सकती है। यहाँ भाजपा ने कई प्रविष्टियाँ जीती हैं।

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