किसान आंदोलन: केंद्र सरकार सख्त, पर हरियाणा के सत्ताधारी नेता मांग रहे हैं माफी, वापस ले रहे एफआईआर

किसान नेताओं पर ये  एफ़आईआर हिंसा करने के मामले में दर्ज की गयी है। लेकिन किसी भी बड़े किसान नेता को गिरफ्तार नहीं किया गया है।

मोदी सरकार के लाए तीन कृषि कानूनों को लेकर केंद्र और आंदोलन किसानों के बीच फिलहाल गतिरोध बरकरार है। किसान भारी संख्या में अभी भी दिल्ली की सीमाओं पर डटे हैं। (फाइल फोटोः पीटीआई)

अब जनता का ध्यान दिल्ली की सीमाओं पर किसान विरोध से हट गया है। लेकिन किसानों की तरफ से हरियाणा में सत्तारूढ़ भाजपा और जजपा के खिलाफ प्रतिक्रिया में कोई कमी नहीं आई है। जिसके कारण भाजपा के नेताओं को हरियाणा दौरा रद्द करने पड़ रहा है। इसके साथ प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज  एफ़आईआर वापस लेने के लिए मजबूर किया गया है।और हरियाणा के सत्ताधारी नेता सार्वजानिक रूप से माफ़ी मांग रहे है।

आपको बता दें कि किसान नेताओं पर ये  एफ़आईआर हिंसा करने के मामले में दर्ज की गयी है। लेकिन किसी भी बड़े किसान नेता को गिरफ्तार नहीं किया गया है। दरअसल इसके पीछे का कारण यह है कि किसान नेता थानों के बाहर रैलियां और विरोध प्रदर्शन कर रहे है। किसान नेताओं द्वारा पुलिस थानों का घेराव करके गिरफ्तार किए गए लोगों को  रिहा करने की धमकी दी जा रही है। जिसकी वजह से गिरफ्तार किए गए कुछ लोगों को जमानत पर रिहा करना पड़ा है।

अभी हाल के दिनों में जेजेपी के नेता देवेंद्र बबली के काफिले पर कुछ लोगों के द्वारा उनके काफ़िले पर हमला भी किया था। हमले में उनके पीए राधे बिश्नोई के सिर में गंभीर चोटें आईं थी। जिसके बाद पुलिस ने दोषियों के ख़िलाफ़ मामला दर्ज कर लिया था। लेकिन तीन दिन बाद देवेंद्र बबली ने कहा  कि उन्होंने  हमलावरों को माफ कर दिया है। उनकी तरफ से  एक हलफनामा देते हुए कहा गया है कि मेरी तरफ से दर्ज केस को वापस लेने पर कोई आपत्ति नहीं है। जिन लोगों ने गालियां देते हुए मेरे काफ़िले पर हमला किया था उन्होंने अपनी गलती के लिए माफ़ी मांग लिया है।

प्रदर्शनकारियों को मिल गयी जमानत: इस मामले में पुलिस ने देवेंद्र बबली के आवास के पास से तीन प्रदर्शनकारी गिरफ़्तार किए गए थे। जिसके बाद किसान नेता राकेश टिकैत और गुरनाम सिंह चादुनी ने टोहाना में पुलिस स्टेशन के बाहर टेंट में डेरा डाल दिया था। इसके साथ ही उन्होंने सड़क जाम करने और राज्य भर के पुलिस थानों का घेराव करने की भी धमकी दी थी। बाद में गिरफ़्तार तीनों प्रदर्शनकारियों जमानत पर रिहा कर दिया गया था।

Source

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

%d bloggers like this: